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Diya Ki Dastaan – Hindi Writing

दीया ने अपने चहरे पर आते हुए अपने बलों को हटाया और कंप्यूटर
में रिपोर्ट तैयार करने में जूट गयी. दीया को चार साल हो गए
थे वीकास & बीरम के साथ काम करते हुए. वीकास & बीरम देश की मानी हुई
लौ फर्म थी. दीया की ये नौकरी अपनी महनत और लगन से हासील हुई
थी. काम का बोझ इतना ज्यादा था की कभी कभी तो उसे १५ घंटे तक
कम करना पड़ता था.

वो पूरी महनत से काम कर रही थी और उसके
ल्कशय अपनी मेहनत से फर्म का partner बन्ने का था. उसकी गहरी
नीली आँखें कंप्यूटर सक्रीन पर गाडी हुई थी की उसकी सेक्रेटरी ने
उसे आवाज़ दी,

“दीया वीकास Sir अपने कैबीन में तुमसे मिलना चाहेंगे.”

दीया ने मुड़कर सेक्रेटरी की तरफ देखा, “क्या तुम्हे पता है वो कीस
विषय में मिलना चाहते है?.

“नहीं मुझे सिर्फ इतना कहा की में तुम्हे ढूंद कर उनसे मिलने को
कह दूँ” सेक्रेटरी ने जवाब दीया.

“शुक्रीया , में अभी उनसे मील कर आती हूँ. मेरा जाने की बाद
मेरे कैबीन को बंद कर देना,” इतना कहकर वो कमरे मे लगे शीशे की
सामने अपना makup ठीक करने लगी. Profession में होने की बावजूद
दीया अपने पहनावा का और दिखावे का पुरा ख़याल रखती थी. उसने
अपने पतले और सुंदर होंठों को खोल उसपर हलके गुलाबी रंग की
लिप्स्तीक लगायी. दीया ने फीर अपने सिल्क की टॉप को दुरुस्त कीया जो
उसकी भरी और गोल चूचियों को ढके हुए था. २८ साल की उम्र में
भी उसका बदन एक कालेज में पढ़ती लडकी की तरह था.

उसने अपनी हाई हील की संडल पहनी जो वो आफिस मे कभी नही पहन
की रखती थी. वो वीकास की कैबीन की और जाते हुए सोच रही
थी, “पता नही वीकास Sir मुझसे क्यों मिलना चाहते है, इसके पहले
ऐसा कभी नही हुआ है.”

आफिस की हल से गुजारते हुए उसे पता था की सभी मर्द उसे ही घूर
रहे है. सबकी निगाहे उसके चुत्ड की गोलियां पे गाडी रहती थी. वो
हमेशा चाहती थी की उसकी लम्बाई ५”५ इंच से कुछ ज्यादा हो जाये.
इसी लिये वो हाई हील की संदले पहना करती थी.

दीया कैबीन की दरवाज़े पर दस्तक देते हुए कैबीन मे पहुंची. वीकास
ने उसे बैठने की लीये कहा.

“दीया Mr नीखील की केस में कुछ प्रॉब्लम क्रिएट हो गयी है.” वीकास ने
कहा.

दीया वीकास की बात सुनकर चौंक पडी. Mr नीखील हज़ारों करोड़ रूपए की
एक मेडिया कंपनी की mallik थे.. Mr नीखील की कंपनी वीकास की कंपनी
की बडे ग्राहकों में से थी बल्की उनकी सिफारिश से भी कंपनी को
काफी business मीलता था. दीया पिछले एक साल से Mr नीखील की कंपनी
की टीवी और रेडियो स्टेशन की लाइसेंस को govt से रेनेव की काम मे लगी
हुई थी.

“दीया मुझे अभी अभी खबर मीली है की govt शायद Mr नीखील की
रेनेवाल ऍप्लिकेशन को रद्द कर दे कारण उनकी ऍप्लिकेशन में बहोत
सी बातों का खुलासा करना रह गया है..” वीकास ने घूरते हुए उसकी
तरफ देखा.
दीया घबरा गयी. उसने पुरे साल भर महनत करके सब applications
तैयार की थी. उसे याद नही आ रह था की उससे गलती कहां हुई है
पर वीकास की ग़ुस्से से भरे चहरे से पता चल रह था की गलती
कहीं ना कहीँ तो हो चुकी है.

वीकास ने उसे थोडा नम्र सवर में कहा, “देखो दीया मुझे पता है
की तुमने काफी महनत से ये applications तैयार की थी. मैं हमेशा
से तुम्हारी महनत और लगन का कायल रह हूँ. पर कभी कभी
गल्तियन घर चल कर आ जाती है.

दीया जानती थी की ये बात कहां जाकर ख़त्म होगी, “Sir अगर इस
गलती का दण्ड कीसी को मिलना है तो वो मुझे मिलना चाहिऐ, क्यों की
सही applicantions तैयार करने की जिम्मेदारी मेरी थी और में ही
अपना कम अच्छी तरह नही कर पायी.”

दीया ने हिम्मत से ये कह तो दीया था, पर वो जानती थी की इससे उसका
भविष्य बर्बाद हो जाएगा. जो सपने उसने इस कंपनी की साथ रहते
हुए देखे तो वो सब चूर हो जायेंगे और शायद उसे कीसी दुसरी
कंपनी मैं भी नौकरी नही मिलेगी.

तभी वीकास ने उसपर दुसरी बीजली गिरायी.

“दीया जैसे तुम्हे पता है की ऍप्लिकेशन पर तुम्हारे और Mr नीखील की
दस्तखत है, Department वाले सोच रहे है की जानबूझ कर
ऍप्लिकेशन मे कुछ बातें चुपई गयी है. और इस वजह से तुम
दोनो को हिरासत मे भी लीया जा सकता है और मुकदमा भी चल सकता
है.”

दीया ये सुन कर देहल गयी. उसकी आँखों मैं देह्शत की भव आ
गए. उसकी बदनामी, गिरफ्तारी मुकदमा सब सोच वो डर गयी.. कोई बात
खुलासा करना रह गयी वो fraud कैसे हो सकता है, “Sir आप तो
जानते हैं की मैंने ये सब जन बुझ कर नही कीया, गलती ही से रह
गया होगा.” वो रोने लगी, “Sir आप ही बताये मैं कया करूं?”

“मैं जनता हूँ की तुम एक मेहनती और इम्मान्दर औरत हो. पर पहले
हमे Mr बीरम की चीनता करनी चाहिऐ. अगर govt ने हमरी फर्म और Mr
नीखील को जिम्मेदार ठहरा दीया तो हम सब बर्बाद हो जायेंगे.”

वीकास ने अपनी बात जरी रखी, “एक काम करो तुम अपने कैबीन मैं
जाकर शांती से बैठ जाओ, और इस बात का जीकार कीसी से भी नही
करना. ये बहोत ही नाजुक मामला है अगर एक शब्द भी लीक हो गया तो
हम बर्बाद हो जायेंगे.”

दीया ने सहमती मैं अपनी गर्दन हीला दी.

“अपने कैबीन मे जाओ और मेरे फ़ोन का इंतज़ार करो. मैं Mr नीखील से
contact कर्ता हूँ उसे सारी बात समझाता हूँ फीर सोचते है की हमे
कया करना चाहिये.” वीकास ने कहा.

दीया वापस अपने कैबीन मे पहुंची. उसका दिमाग काम नही कर रह था
की वो कया करे. उसे पता नही था की अगर वो गिरफतार हो गयी तो
उसका मंगेतर आगे उससे रिश्ता रखेगा की नही. वो अपनी कुर्सी पर
बैठ बहार देखने लगी. उसे महसूस हुआ की उसका शारीर डर की मरे
कांप रह था.

करीब एक घंटे की लंबे इंतज़ार की बाद वीकास का फ़ोन आया, “दीया
नीखील एक कोन्फेरेंस की सिलसिले मे होटल Ambassodar की सुइट नो १५०४ मे
है. उसने तुम्हे तुरंत ऍप्लिकेशन की कापी लेकर बुलाया है. तुम
तुरंत चली जाओ मैं थोड़ी देर मैं आता हूँ.

“ठीक है Sir मैं अभी चली जाती हूँ.”

फ़ोन पर थोड़ी देर खामोशी छायी रही.

“दीया तुम्हे पता है ना की ये मीटींग हमारी फर्म की लीये कितनी
महत्वपूर्ण है. थोड़ी और खामोशी की बाद, “और तुम्हारे लीये भी.”

दीया ने वीकास को बताया की उसे पता है.

कम्पती हुई दीया ने फ़ाइल उठाई और होटल Ambassodar की और चल दी करीब डेढ़ घंटे की बहस की बाद भी दीया Mr नीखील को ये नही
समझा पायी की उससे गलती कैसे और कहां हुई. और ये बात नीखील को
झाल्लय जा रही थी आखीर वो ग़ुस्से मे बरस पड़ा.

“कया तुम मुझे ये बताना की कोशीस कर रही हो की तुम्हे ये नही पता
की क्या और कौनसी बातें ऍप्लिकेशन मे छूट गयी है. मैं ही
बेवकूफ था जो इतने महत्वपूर्ण काम पर वीकास और बीरम पर भरोसा
कीया. कया तुम कोई जवाब दे सकती हो?” नीखील ग़ुस्से मैं जोर से बोला.

दीया की आँखों मे आंसू आ गए. आज तक नीखील ने उसे बहोत इज्जत और
आचे व्यव्हार से treat कीया था. ४५ साल का नीखील एक कसरती बदन का
मर्द था. वो ग़ुस्से मैं अपने हाथ का मुक्का बाना दुसरी हथेली पे मर
रह था जैसे की एक ही वार मे दीया को मर गिरयेगा.

नीखील ने दीया की और देख अपने आप से कह रह था, “क्या बदन है
इसका. भरी भरी चुचीयां और इतनी पतली क़मर. पता नही बिस्तर
मे कैसी होगी.” जब दीया पपेर्स से बहरी टेबल पर juhki तो नीखील को
उसकी लंबी टंगे और बडे बडे कुल्हों की झलक मीली. “थोड़ी देर मे
ही इसकी गांड ऐसी मरुंगा की ये याद रखेगी.”

“दीया मैंने अपने criminal लाव्येर से बात कर ली है, उसका कहना है
की अगर मैंने तुमपे और तुम्हारी फर्म बे भरोसा करके sign कीए है
तो मुझ पर कोई इलज़ाम नही आता है. अब तुम फंस चुकी हो मैं नही.
मुझे टेंशन है की मेरा करोडों का नुकसान हो जाएगा.” नीखील ने उसे
घूरते हुए कहा.

“मैं समझ सकती हूँ Sir.” दीया अपनी गर्दन झुकाते हुए बोली.

“क्या समझती हो तुम, की तुम्हारी जैसी नासमझ वकील की वजह से
मैं अपना करोड़ों का नुकसान होने दूंगा. याद रखना तुम की अगर मेरा
एक पैसे का भी नुकसान हुआ तो मैं तुम्हारी पूरी लौ फर्म बंद करवा
दूंगा.”

“Sir मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ.” दीया गिदगीदते हुए
बोली, “Sir कुछ भी जो आप कहे.”

नीखील थोड़ी देर तक कुछ सोचता रह, “ठीक है मैं अपने criminal
लाव्येर से बात कर्ता हूँ की वो तुम्हे कैसे बचा सकता है. जब तक
मैं बात कर्ता हूँ तुम एक कम करो अपने कपडे उत्तर कर नंगी हो जाओ
और मेरे लंड को चूसो. सिर्फ इसी तरह तुम मेरी मदद कर सकती हो.”

दीया पठार की बुत बन कर खडी थी. नीखील फ़ोन पर अपने वकील से
बात कर रह था, “हाँ वो तो फंसेगी ही पर उसकी फर्म को भी काफी
नुकसान होगा, क्या कोई तरीका नही है की इन सबसे छुटकारा मील सके?”

“थोडा उसकी उम्र और उसके भविषय का ध्यान दो, बेचारी मर जायेगी.
उसकी फर्म की बारे मैं सोचता हूँ की मुझे क्या करना चाहिऐ. हाँ
वो इस समय मेरे पास ही खडी है.”

“क्या तुम ये कहना चाहते हो की अब उसका और उसकी फर्म का भविष्य
मेरे हाथ मैं है तो ठीक है मैं सोचूँगा की इस लडकी को इस
समास्य से बचाना चाहिऐ की नही.”

नीखील दीया को घूरे जा रह था, जैसे वो उसके आगे बढने का
इंतज़ार कर रह हो. नीखील होटल की कुर्सी पे अपने दोनो टांगो को
फैलाये बैठा था.

अपने आपको भविषय की सहारे छोड़ते हुए दीया ने अपनी ज़िंदगी की
राह मैं अपना पहला कदम बढ़ा दीया. उसने गहरी संस् लेते हुए अपने
हाथ अपने टॉप की उप्पेर की बटन पर रखे और बटन खोलने लगी.
थोड़ी ही देर मैं उसका टॉप खुल गया और उसने उसे अपने कंधों से
निकाल उसे उतर दीया. फीर उसने अपने skirt की हुक खोल उसे नीचे गीरा
दीया. अपनी हाई हील्स की संडल निकल उसने skirt को उतरा और सिर्फ
ब्रा और पैंटी मैं नीखील की सामने खडी थी.

दीया नीखील को देख रही थी की उसकी और से कोई प्रतिक्रिया हो पर वो
वैसे ही अपनी कुर्सी पर बैठा रह.

दीया सोच रही थी की आगे वो क्या करे इतने मैं नीखील ने फ़ोन की
माउथ पीस पर हाथ रख कर कह, “अब तुम किसका इंतज़ार कर रही
हो. जल्दी से अपनी पैंटी और ब्रा उतार की मेरे पास आओ.”

दीया ने अपनी ब्रा की हुक खोल अपनी ब्रा उतार दी. उसकी गोल गोल
चुचीयां बहार निकाल पडी. फीर उसने अपनी पैंटी को नीचे कर उत्तर
दी. उसने देखा की नीखील उसकी छूत को घूर रह था. उसने अपने
मंगेतर की कहने पर कल ही अपनी छूत की बल बारीकी से तराशे
थे. उसे शरम आ रही थी की आज कोई मर्द उसकी चूत को इस तरह
घूर रह है.

नीखील अभी भी फ़ोन पर बात कर रह था. वो अपनी कुर्सी से उठा और
दीया को देख अपनी पैंट की ज़ीप की और इशारा कीया. दीया उसके पास
आ घुटनों कल् बैठ गयी. फीर उसने उसकी पैंट की बटन खोलें और
उसके सुस्ट पडे लंड को अपने हाथों मैं ले लीया.
फीर अपने होंठों को खोल अपनी जीभ से उसके लंड की सुपडे को
चाटने लगी.

दीया ने आज से पहले अपने मंगेतर की सिवी कीसी और की लंड को
नही चूसा था. अपने मंगेतर की भी सिर्फ़ एक बार जब वो काफी नशे
मैं हो गया था और उसे चूसने की जिद कित ही. पर आज उसके पास कोई
चारा नही था. उसने अपना पुरा मुँह खोल नीखील की लंड को मुँह मैं ले
लीया और चूसने लगी. उसकी जीब का स्पर्श पते ही लौडे मे जान आ
गयी और वो दीया की मुँह में पुरा तन गया.

नीखील ने अपनी पैंट नीचे खासका दी. दीया एक हाथ से उसके लंड को
पकड़े हुए थी और अपने मुँह को ऊपर नीचे कर रही थी जैसे कोई
लोलीपोप चूस रही हो. नीखील ने हाथ बढ़ा उसकी चुचीयों की निप्पले
को अपने अंगूठे और ऊँगली में ले भिनचने लगा. उसके छूते ही
निप्प्ले में जान आ गयी और वो खडी हो गए.

नीखील ने फ़ोन पर बात करना जरी रखा.
दीया नाम है उसका. हाँ यार तुम जानते हो उसे वही जीस्ने लौ
exam मे state में टॉप कीया. हाँ अरे वो यहीं है इस वक्त
मेरे लंड को चूस रही है तुम्हे क्या लगता है में मजाक कर
रहा hu.थोड़ी देर मे में उसकी चूत चोदने वाला हूँ.

नीखील की बातें सुनकर दीया का चेहरा शर्म से लाल हो गया. फीर भी
वो जोरो से उसके लंड ko चूस रही थी. वो जानती थी की उसके पास बस
एक यही उपाय है अपने आप को इस मुसीबत से बचने का. उसने लंड
चूसना जरी रखा.

नीखील ने फ़ोन नीचे रखा और अपने दोनो हाथ दीया की Sir पर रख
अपने लंड को और उसके गले तक डाल दीया. उसकी बढती हुई सांसो की
देख दीया समझ गयी की उसका लंड अब पानी छोड़ने वाला है.

“हाआआआन् चूओसो ओह्ह्ह्ह्छ और जोर सीईईईए चूओसो” नीखील अपने
लंड को और अन्दर तक घुसेड बाद्बदा रह था.

दीया एक हाथ से उसके लंड की गोलीयों को सहला रही थी और दुसरे
हाथ से उसके लंड को पकड़े चूस रही थी. थोड़ी देर में नीखील का
लंड अकड़ना शुरू हो गया. नीखील ने अपने दोनो हाथों का दबाव दीया की
Sir पर रख अपने लौडे को और उसे गले तक डाल दीया और अपने वीर्य
की पिचकारी छोड दी.

दीया ना चाहते हुए उसके लंड से नीकला पुरा पानी गटक गयी. नीखील
अपने लंड को उसके मुँह मे तब तक अन्दर बहार कर्ता रह जब तक की
उकसा लंड थोडा ढीला नही पड़ गया. दीया उसके लंड को अपने मुँह से
निकलने को डर रही थी कही वो नाराज़ ना हो जाये पर नीखील ने अपना
लंड उसके मुँह से निकाल लीया. उसके लंड की निकलते ही उसके पानी की
धार दीया की चहरे से होती हुई उसकी छाती और टांगो पर चु पड़ी.

तभी फ़ोन की घंटी बजी और नीखील फ़ोन उठा बात करने लगा. बात
करते हुए उसने दीया को उसके कंधों से पकड़ खड़ा कर दीया. नीखील ने
उसे घुमा कर इस तरह खड़ा कर दीया की दीया की पीठ उसकी तरफ
थी.

फ़ोन पर बात करते हुए नीखील पिछे से अपने हाथ उसकी छाती पर रख
उसके ममे मसल रह था. दीया ने महसूस कीया की उसका लंड उसके
गांड की दरारों पर रगड़ खा रह है. नीखील उसके कान मे धीरे से
बोला, “जाओ जाकर बिस्तर पर लेट जाओ, अब में तुम्हे चोदुंगा.”

जैसे ही दीया बिस्तर की और बढ़ी नीखील उसके बदन को घूरे जा रह
था. क्या पतली क़मर है और क्या गोल गोल चुत्ड. उसने ऐसे बदन
ज्ञ्म मे कई देखे थे. उसके भरे चुत्तडों को देख कर नीखील की मुँह
में पानी आ रह था, “आज में इसकी गांड मर के रहूंगा.” वो सोच
रह था.

दीया जैसे ही बिस्तर पर लगे कोवेर्स को हटाकर उसमे घुसने लगी
नीखील बोला, “दीया तुम बेड की ऊपर नंगी ही लेटी रहो में तुम्हारे
नंगे बदन को देखना चाहता हूँ.”

नीखील उसे घूरे जा रह था. वो जनता था की दीया आज हर वो कम
करेगी जो वो कहेगा. उसकी उभरी और भरी हुई चुचीयां फीर एक बार
उसके लंड मे जान फूंक रही थी.

पिछले आधे घंटे से नीखील दीया के ऊपर लेटा हुआ अपने भरी लंड को
उसकी चूत में अन्दर बहार कर रह था. दीया की दोनो टंगे नीखील की
क़मर से लिपटी हुई थी. नीखील अपने हाथों से उसके दोनो चुत्त्डों को
पकड़े हुए था और अपने लंड को आधा बहार निकलते हुए पूरी ताकत से
उसकी चूत मे पेल रह था.

दीया के दोनो हाथ नीखील की पीठ पेर थे. और नीखील जब पूरी ताकत से
धक्का लगता तो दीया को अपना शारीर पीसता हुआ महसूस होता. वो
दीवाल पर लगे शीशे में देख रही थी की नीखील का भरी शारीर
कैसे उसके नाजुक बदन को रौंद रह था.

मन में डर और इस बेइज्जती के बावजूद अब उसके शारीर और टांगो ने
विरोध करना छोड दीया था. चुदाई इतनी देर चल रही थी की अब उसे
भी अनंद आ रह था. वो भी अपने कुल्हे उछाल उसका साथ दे रही
थी. उसे ऐसा लग रह था की नीखील का लंड नही बल्की उसके मंगेतर
का लंड उसे चोद रह है. जब भी नीखील का लंड उसकी चूत की ज़द पर
ठोकर मरता तो उसके मुँह से सिस्कारी निकाल रही थी, “ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ
आआआह्”

आखीर में नीखील का शारीर अकाद्ने लगा और उसने दीया को जोर से बाँहों
में भींचते हुए अपने लंड पुरा अन्दर डाल अपना पानी चोद दीया.
दीया ने भी सिस्कारियां भरते हुए उसके साथ ही पानी चोद दीया.

नीखील थोड़ी देर उसके बदन पर लेटा अपनी सांसो को काबू मे कर्ता रह
फीर पलट कर बिस्तर पर लेट गया. जैसे ही नीखील उसके शारीर से हटा
दीया बिस्तर से लड़खड़ाते हुए उठी और अपने कपडे ले बाथरूम मे
घुस गयी.

दीया अपने कपडे पहन बाथरूम से बहार आयी तो देखा की नीखील अभी
भी बिस्तर पर नंगा लेटा है और वो टीवी का remote पकड़े चैनल
बदल रह है.

“देखो इसे?” नीखील ने कहा.

दीया की नज़रें जैसे ही टीवी सक्रीन पर पड़ी उसने देखा की वो उसकी
और नीखील की चुदाई की फिल्म थी. नीखील ने उसके साथ चुदाई को पुरा विडेओ
टेप बाना लीया था.

“दीया” उसने कहा “आज से मे वीकास & बीरम कंपनी को अपने इशारों पर
नचा सकता हूँ. और साथ ही आज से तुम्हे हर वो कम करना है जो
में चाहूँगा.”

दीया ये टेप देख घबरा गयी थी और अपनी कीस्मत को कोस रही थी
की वो कहां तो एक सफल वकील बन्ने आये थी और अब हालत उसे एक
वेश्या बाना रहे थे.

“तुम अपना टेलीफोन नो, घर का पता और मोबाइल नो लीख कर दे दो
और जब में तुम्हे बूलौं तुम्हे आना पड़ेगा.” नीखील ने उसे घूरते हुए
कहा.

दीया समझ गयी थी की उसके पास कोई चारा नही था, इसलिए उसने
जल्दी से सब लीखा और लगभग बह्ग्टे हुए कमरे से बहार चली गयी.

नीखील के होंठों पर एक सफल मुस्कान थी.

दुसरे दीन दीया अपने आफिस पहुंच कर Mr. वीकास से मीली, “Sir
हालातों को देखते हुए Mr.नीखील के साथ कल् की मीटींग अच्छी गयी.
मुझे लगता है की समास्या का कोई ना कोई हल निकाल ही आएगा.”

जो कुछ भी उसके और नीखील के बीच हुआ था वो उसने नही बताया और ना
ही टेप के बारे में. ये भी नही बताया की नीखील का फ़ोन सुबह आया
था और उसने कहा की आज से जब भी वो उससे मीले तो ब्रा और पैंटी ना
पहने.
“मेरी Mr.नीखील के साथ थोड़ी देर मीएं मीटींग होने वाली है. दीया तुम
यही ऑफिस में रहना हो सकता है Mr नीखील को तुम्हारी ज़रूरत
पडे.” वीकास ने उससे कहा.

दीया दरी और सहमी हुई अपने कैबीन मे पहुंची. उसे नीखील के रुतबे के
बारे में मालुम था और वो जानती थी की अगर उसने उसकी बात नही मानी
तो वो कुछ भी कर सकता था.

अपने कैबीन मे दखील होने से पहले वो साथ मे लगे बाथरूम मे गयी
और अपनी ब्रा और पैंटी उतार दी. उसने दीवार पर लगे शीशे मे अपने
आप को देखा तो शर्म गयी. उसके सिल्क के टॉप मे से उसकी ममे साफ
झलक रहे थे. उसके निप्पले साफ टॉप मे से बहार को निकलते दिखायी
पड़ रहे थे.

दीया ने जल्दी से अपनी ब्रा और पैंटी अपने हाथों में लीये दौड़ती
हुई अपने कैबीन मे वापस आ गयी. कैबीन में आने के बाद उसने अपना
buissness कोट पहन लीया जिससे उसके टॉप मे से चालाकती चुचीयों को
धंपा जा सके.

दीया अपनी कुर्सी पर बैठ कम करने की कोशिश कर रही थी पर
उसका सारा ध्यान Mr. नीखील और Mr. वीकास के बीच चल रही मीटींग पर
था. थोड़ी देर बाद Mr वीकास का फ़ोन आया, “दीया Mr नीखील तुमसे अभी
तुम्हारे कैबीन मे मिलना चाहेंगे.”

“ठीक है Sir उन्हें भेज दीजिए में इंतज़ार कर रही हूँ.” दीया ने
जवाब दीया.

दीया अपनी कुर्सी पे चिंटित बैठी थी. हज़ारों ख़याल उसके दिमाग़
में घूम रहे थे. फीर भी वो पूरी कोशीश कर रही थी की वो
चहरे से चिनतित ना दिखे. थोड़ी देर में उसके कैबीन के दरवाज़े पर
दस्तक हुई और उसकी सेक्रेटरी ने Mr नीखील के साथ अन्दर आयी. नीखील के
पीछे एक और vyakti कैबीन में दखील हुआ जीसे देख कर एक बार के
लीये दीया के थोड़ी रहत मीली.

नीखील ने उस vyakti को दरवाज़ा बंद करने के लीये कहा और दीया से
उसका परिचय कराया. “दीया ये Mr. अमीत मेरे दोस्त है जो Liscence
रेनेवाल Department मे काम करते है. इन्होने ही हमारी ऍप्लिकेशन
की गलतीयों को पकडा है. दीया ने एक मुस्कान के साथ उससे हाथ
मिलया.

Mr अमीत दिखने मे ही एक सरकारी मुलाजिम लग रह था. पुरानी स्टाइल
के कपडे, बलों मे मन भर तेल और नाक पर मोटे कांच का चश्मा.
पर अपनी position की वजह से थोडा कठोर स्वाभाव का लग रह था.
दीया ने देखा की उसकी पैंट जो उसके पेट के नीचे लटक रही थी
शायद तब kahridi गयी थी जब उसकी साइज़ ३४ थी जो की आज लगभग
४० थी.

नीखील ने धीरे दीया से कहा, “दीया हम जीस विषय पर बात करने वाला
है उसमे थोडा समय लग सकता है.”

दीया ने अपने सेक्रेटरी को फ़ोन लगाया, “मेरे आने वाले हर फ़ोन
को रोक देना, में Mr नीखील और Mr अमीत के साथ एक जरुरी मीटींग मे
हु.”

“दीया Mr अमीत चाहते है की हम तीनो मीलकर इस समास्या का हल
निकाल ले. पर कीसी को मालुम नही होना चाहिऐ की हमने साथ में
मुलाक़ात की है. और मैंने इन्हें ये भी बता दीया है की सरे
ऍप्लिकेशन तुमने ही तैयार की है.” नीखील ने मीटींग शुरू करते हुए
कहा.

करीब एक घंटे की बहस के बाद दीया को पता चला की अगर लाइसेंस
रेनेव नही हुए तो नीखील की कंपनी को कीतना घटा हो सकता है. Mr
अमीत अगर नै ऍप्लिकेशन बदल भी देते है पुरानी वाली से तो इन्हें
अपने और साथी को मीलाना होगा. जैसे जासी समय गुज़र राह था नीखील
के चहरे पर झालाहत के भव आते जा रहे थे.

“अमीत दीया को हमारी परास्थिती के बारे में अछि तरह मालुम है.
उसे ये भी मालुम है की गलती उससे हुई है. वो अच्छी तरह जानती है
की में इसकी कंपनी को बर्बाद कर सकता हूँ पर इन सब चीजों से
मेरा जो घटा होगा वो तो पुरा नही होगा ना.” नीखील का ग़ुस्सा साफ
दिखायी दे रह था.

“दीया इस कंपनी के बोर्ड पर है और हमारी हर तरह से सहायता
करने को तैयार है. है ना दीया.” मैंने हाँ में अपनी गर्दन हीला
दी.

नीखील ने अपना अगला कदम बढाया. वो खड़ा होकर दीया की डेस्क के पास
चहल कदमी करने लगा, “अमीत हमे इस काम को अंजाम देना है. तुम्हे
अछि तरह पता है की कैसे अंजाम दीया जता है.”

फीर उसने दीया की तरफ देखा, “दीया जरा खडी हो जाओ.”

दीया कम्पती टांगो पर उसकी बात मानते हुए खडी हो गयी.

नीखील चलता हुए दीया के पीछे आ गया और अमीत उसे घूरे जा रह
था. उस cororepati ने दीया का कोट उत्तरा दीया और उसके टॉप में से
झलकती चुचीयां साफ दिखायी देने लगी.

“अमीत मैंने इस गुदिया से कहा था की आज वो ब्रा नही पहने.” दीया
के निप्पले अचानक ही तन गए थे. नीखील ने पीछे से उसके टॉप की ज़ीप
खोल दी और दीया पठार की मूरत बनी सहमी सी खडी थी. दीया की
निगाहें अमीत के चहरे पर टिकी थी जो हेरात से उसकी और घूर रह
था.

नीखील ने दीया के टॉप को उसकी दोनो बाँहों से अलग करते हुए उतार दीया.
अब वो क़मर से ऊपर तक पूरी तरह नंगी खडी थी. पता नही डर के
मरे या ठंड के मरे उसके निप्पले पूरी तरह से खडे थे.

नीखील ने पीछे से उसकी चुचीयों को मसलते हुए कहा, “अमीत तुम्हे नही
लगता की हम इस मामले को सुलझा लेंगे.”

” Haan ॥ हाँ हम सुलझा लेंगे Mr नीखील आप चीनता ना करे.” अमीत एक
भूके शिकरी की तरह दीया के बदन को घूरते हुए कहा.

“दीया तुम्हे नही लगता की हम इस दलदल से बहार आ जायेंगे.” नीखील
ने उसके skirt के हूक को खोलते हुए कहा.

“हाँ Mr नीखील हम जरुर आ जायेंगे.” दीया ने उसकी हरकतों का बीना
कोई विरोध करते हुए कहा.

दीया ने अमीत की और देखा जो कामुक निगाहों से उसके बदन को घूरे
जा रह था. थोड़ी देर मिएँ उसने उसका हाथ अपने चुत्ड पर रेंगते
हुए महसूस कीया. उसके एक चुत्ड पर नीखील हाथ फीर रह था और
दुसरे पर अमीत.

इतने मे नीखील ने अपनी एक ऊँगली दीया की चूत मे घुसा अन्दर बहार
करने लगा. दीया की निगाहें अपने कैबीन के दरवाज़े पर लगी हुई थी
और वो भगवन से प्रर्थना कर रही थी की उसके कैबीन मे कोई ना
आये. वो मेज़ का सहारा ले घोड़ी बन गयी थी.

दीया ने अपने पीछे कपड़ों की सुर्सुराहत सुनी. नीखील ने थोड़ी देर के
लीये अपने हाथ उसके चुत्ड से हटा अपनी बेल्ट को खोला और अपनी पैंट
के बटन खोल उसे नीचे सरका दीया. उसने अपने खडे लंड को दीया
की चूत के छेद पर टीका दीया.

“नही please नही.” वो धीरे से बोली.

“अमीत हम ये मामला सुलझा कर रहेंगे. में जनता हूँ की जो लोग मेरे
लीये कम करते है वो हर हल में मेरा कहा मानेंगे.” कहकर नीखील ने
अपने हाथों से उसके चुत्ड को थोडा फैलाया और अपने लंड को उसकी
चूत मे घुसा दीया. दीया के मुँह से एक चीख निकाल पड़ी.

नीखील ने अपना लंड थोडा बहार निकला और जोर के धक्के के साथ पुरा
लंड उसकी चूत मे डाल दीया. चीख की जगह एक सिस्कारी निकाल पड़ी
दीया के मुँह से.

“साली कुतिया अपनी टंगे फैला.” नीखील ग़ुस्से में बोला, “जब तक तुम
अपनी टंगे नही फैलोगी में तुम्हारी चूत की जड़ तक कैसे अपना
लंड पेलुन्गा.”

नीखील का आधा लंड उसकी चूत मे घुसा हुआ था, बड़ी मुश्किल से दीया
ने अपनी टंगे फैलायी. जैसे ही उसकी टंगे फैली नीखील ने उसे कंधों
से पकडा और जोर के धक्के लगाने लगा. उसके हर धक्के के साथ उसकी
चुचीयां उछाल रहीं थी.

नीखील ने उसकी एक चूची मसलते हुए जोर का धक्का मर अपना पानी उसकी
चूत मे छोड दीया. जब उसके लंड से एक एक बूंद नीकल चुकी थी तो
वो अपने लंड को बहार निकाल उसके चुत्ड पर रगड़ने लगा.

दीया ने थोड़ी रहत की संस् ली. नीखील वक़्त से पहले ही झाड़ गया था.
वो सीधी हो अपने कपडे पहने का विचार बाना ही रही थी की,

“तुम ये क्या कर रही हो?” नीखील ने पुछा.

“कपडे पहन रही हूँ और क्या.” दीया ने जवाब दीया.

“ये अमीत के साथ नासिंसफी होगी दीया dear.” नीखील ने जैसे ही ये
कहा दीया ने अमीत की तरफ देखा तो दंग राह गयी. अमीत अपने कपडे
उतार अपने लंड को सहला रह था और उसके नंगे बदन को देखे जा
रह था.

“तुम जहाँ हो वहीँ रुको?” नीखील ने जैसे उसे अग्या दी.

दीया के पास और कोई चारा नही था उसकी बात मानने के सिवा. वो उसी
अवस्था मे नंगी खडी रही, टेबल का सहारा लीये अपने गांड हवा
में उठाये हुए. नीखील के लंड से चूता पानी अभी उसकी जांघों पर बह
रह था. उसने टेबल से एक तिस्सुए पेपर लीया और पानी को पौंचने
लगी.

अमीत बीना कोई समय गंवय उसके पीछे आया और उसके चुत्ड चूमने
लगा. “मेरी जान अपनी टांगो को थोडा फैलाओ जिससे में अपना लंड
तुम्हारी चूत मे डाल सकूं.” उसने अपन लंड दीया की चूत के मुहाने
पर रखा और एक ही धक्के मे अपना लंड उसकी चूत मे पेल दीया.

दीया ने महसूस कीया की उसका लंड नीखील के लंड जितना मोटा और लम्बा
नही था. दीया जानती थी उसका लंड उसे कोई नुकसान नही पहुँचा
सकता और ये भी जानती थी किया अगर उसे इस जील्लात से छुटकारा पाना
है तो वो मर्द के पानी को चुडा दे.

यही सोच कर दीया ने अपनी टांगो को थोडा सिकोडा और अपनी चूत मे
उसके लंड को जकड लीया. अब वो उसके हर धक्के का साथ अपने कुल्हों
को पीछे की और धकेल साथ दे रही थी.

अमीत ने अपने हाथ बढ़ा उसके ममे पकड़ लीये और उन्हें मसलते हुए
कास के धक्के मरने लगा.

दीया को अपने आप पर विश्वास नही हो रह था. वो हमेशा से ही एक
साधारण और संस्कृती को मानने वाली लडकी रही थी. और आज वो दीन
के समय अपने ही ऑफिस मे दो लंड से अपने आप को चुद्वा रही थी.
ऐसा नही था की इतनी भयंकर चुदाई उसे मज़ा नही दे रही थी पर
इस समय उसका ध्यान अमीत का पानी चुदाने पर ज्यादा था.

अमीत जोर की हुनकर भरते हुए दीया को चोदे जा रह था.. दो तीन
कास के धक्के मरने के बाद उसके लंड ने दीया की चूत मे पानी छोड
दीया. जैसे ही उसने अपना मुर्जहया लंड बहार निकला उसके वीर्य की
बूंदे ऑफिस के कार्पेट पर इधर उधर गीर पड़ी.

Diya बड़ी मुश्कील से अपनी उखड़ी सांसो पर काबू प रही थी.
उत्तेजना मे उसका चेहरा लाल हो चूका था. बड़ी मुश्किल से उसने अपने
आप को संभाला और अपने कपडे पहने. उसने अपने कपडे पहने ही थे
की दरवाज़े पर दस्तक हुई, “क्या में अन्दर आ सकती हूँ?” दीया की
सेक्रेटरी ने पुछा.

बड़ी मुश्किल से दीया ने कहा, “हाँ आ जाओ.”

दीया की सेक्रेटरी कैबीन मे आयी और दीया से पुछा की क्या वो खाने
का आर्डर देना चाहेंगी. दीया ने उसे मना कर दीया की मीटींग ख़त्म
हो चुकी है और खाने की ज़रूरत नही पडेगी. मगर वो जानती थी की
हवा मे फैली चुदाई की खुशबु और उसके मसले हुए बाल उसकी
सेक्रेटरी को सब कहानी कह देंगे.

दीया ने अपने आपको इतना अपमानित और गीरा हुआ कभी महसूस नही कीया
था. कीस तरह उसकी तकदीर उसके साथ खेल रही थी. एक इन्सान उसके
जज्बात और शारीर के साथ खेल रह था और वो मज़बूरी वश उसका
साथ दे रही थी. अब उसका एक ही मकसद था की किसिस तरह नीखील की हर
बात मानते हुए वो उससे वो टेप हासील कर ले जो उसने होटल के रूम मे
रेकॉर्ड कर ली थी. दीया की दास्तान

Renu Ki Behan

Hi Ashish here this is a story with Renu’s younger sister Resh(short name).This was happened two days after sex with Renu. Renu is more beautiful than Resh. But Resh breasts is more bigger than Renu’s and her ass is like mountain.

Resh always comes to my house to chat with me. And to check her inbox. That day she asked me what is in between her sister Renu and me I said nothing Then she said Renu told her all incidents happened before two days.On That day there were nobody in my house my mother went to my aunt house And will return evening and my father went for his work.

Resh said she actually came to my house to have sex with me. I can’t believe her words and I don’t except this from her. Then I asked Resh who she happened to know about the former incident with Renu. She answered they both used to do sexual activities every night as they share single room Renu told her about the whole incident..

Resh also have a boyfriend but he didn’t make her complete…….

Then without wasting the time we started the game. I started to kiss Resh immediately her tongue was down my throat. Then slowly I unbuttoned Resh shirt and was leased to find that she was wearing a black Bra my favorite color . I asked Resh if her panties matched her bar and to my delight she replied that she wasn’t wearing any!

I suck my tongue in her ear and whispered how much I wanted to lick her pussy. She moaned and smiled a little. I took Resh’s Shirt off and fkicked my tongue over her nipple a couple of times. I worked my way down her frim , flat stomach and stopped at her navel for a while. Next I unzipped her jeans and wriggled out of them. Her public hair was black and nicely trimmed. I moaned and nuzzled her thighs. She moved around so that I was between her legs. I reached up for a pillow and slid under her ass, teling her that I wanted to do a good job for her. She moaned and said that I was off to a good start. She was wet and ready I nibbled a little around the edges, then dove right in making long, upwards strockes with my tongue. She gasped loudly and put both hands on my head, spreading her legs as wide as they could go. I tongued her as deeply as I could, probing between her pussy lips. I found her clit and treated it to short, light rhythmic licks. Resh started moving her lips in time with me and moaning “Oh yes Oh yes.”

Finally I knew she was going to come. She clamped her legs around my head and pushed her crotch hard against my face. In grabbed her legs and tries to keep licking her, but it was difficult with her thrashing around . Finally she collapsed, sighed with pleasure and ran her fingers through my hair. I moved up beside her and she turned to kiss me. Then she started licking her juices off my face.

I had my clothes on throughout all of this. I now asked her if I could take them off. She said yes warned me that she couldn’t go all the way with me because she didn’t know me well. I took off my shirt and slid off my mudu. I asked her if I could rub up against her ass and she said yes. We lay on our sides with me behind her and I kind od slid my cock between the cheeks of her ass abd rubbed back and forth.

Resh ass felt great, but I needed something more. I asked her if she would go down on me. She said she didn’t feel comfortable enough so instead she reached around, grabbed my stiff prick and started giving me a hand job. She worked my cock up and down while looking at me and asking if it feel good. I said it felt good and told her she was beautiful tand her Sister Renu and sexy and fucky. She thanked me and look down at my cock. Them she surprised me by putting it in her mouth. I sighed and told her how good it felt to have my cock in her mouth. With one hand she grabbed the base of the cock and with the other she grabbed my balls. She really knew how to give head.i looked down at Resh and she looked great. I whispered thet I was about to come, but she didn’t pull away. Finally I thrust my cock all the way in her mouth and exploded. I held it there as she kept sucking. After a while she looked up at me and I saw the come oozing out of her mouth as she sucked on my softening cock.

After all that, the final and main working next means it is time for my dick to enter her pussy. I slowly pushed my tool inside it is lose. she said don’t worry it is the first time a Dick entering her. Then asked Resh why her pussy is lose she said it is her sisters make it lose with her artificial tool means wood. Then she said leave it and makes her in heaven. I fucked her for minutes till the climax.

With Resh I continued when ever we get chances and still we are continuing. I also got a chance to play with both together.

Girls who r interested to play with me and want my tool deep inside your mouth and pussy mail me:ikon119@in.com

plz also let me know ur comments

Mamo ki Beti ki Maari

Mera name zain hai ye story aaj se 7 saal pahle ke hai jub mene intermediate k papers diye aur result ka intezar ker raha tha. Ye kahani mere mamo ki btei ki hai.wo ek 24 sal ki shadi shuda ourat hai let me explain about herself us ka rang gundumi (wheatish) very sexy complexion height 5’3″ figure 38-27-38 hai us ki shadi ko 2 sal hochuke the aur unka ek beta tha. Ye waqia 2 weeks pehle hoa tha hoa kuch yun ke mere mamo ki beti jis ka nam Rabya tha wo aur un ke husband ko ghar shift kerna tha aur wo hamari gali me hi ek ghar me shift hogaye. mene shifting me un ki kafi help ki us ke bad masla ghar decorate kerne ka aur chezain apni jagah pe rekhne ka tha me subha un ke ghar chala jata jis waqt un ke husband office gaye hote the. subha ke waqt unka bacha soya hoa hota ya phir apne cord me khelta rehta toys se. me aur wo milker ghar ki setting kerte rehte un ki body me jo chez mujhe sab se zyada attract kerti thi wo the un ke boobs aur cleavage. Itni sexy cleavage mene aaj tak nahi dekhi. Me ghar ki setting bhi kerta aur jab bhi mujhe muqa milta tu me un ki body dekhta.wo mere samne dopatta nahi pehanti thi kyun k mujhe wo ghar ka hi samajhti thi koi ghair nahi.

Box ya chezain wagaira zyadatar neche hi pari hoi hoti thi tu jab wo un chezon ko uthane ke leye jhukti tu mujhe wo haseen nazara dekhne ko milta ja un ki sexy cleavage kabhi zyada kabhi kam dikhti thi. me roz unki cleavage dekh dekh ker pagal hota ja raha tha. mene fesla kerlia k ek dn to un ke boobs zaroor dabaon ga. Meri kismat k agle hi din mujhe muqa mil gaya me jab un ke ghar me dakhil hoa tu wo apne bache ko sula chuki thi aur mujhe dekh ker unho ne kaha k ise is ke cord me ja ker lita do mene socha k beta yehi muqa hai unho ne apne bache ko sene se lagaya hoa tha mene unke bache ko godh me lene ke liye hath un ke boobs se laga diye phir bache ko neche se pakra aur unn ke boobs per se hath ka peche ka hissa pherte hoa bache ko udha lia ye sab mene aisa kia tha jese janboch ker na kia ho. bas hath lag gaya ho itne soft boobs the ufff kia feeling thi wo mene un ki taraf dekha ko to wo muskura rahi thi me chup chap bache ko lita ker agaya me ye soch raha tha k kia inho ne bura nahi mana. kia ye bhi mujh se set hona chahti hain mene unhe test kerne ka fasla kia. me unka mirror chamka raha tha. wo mere bilkul peche khadi ho ker joda bandne lagi mene bager muh paltae hath un ke boob ke sath laga dia aise jaise galti se lag gae hn. unho ne muskurate hoe aur chunk ker kaha k kia ker rahe ho.

Mene forun bola wo peche se dosra kapda udha den ye kapda ganda hogaya hai unho ne de dia. me samajh gaya k ye bhi khuwar hain mene wo kapda phenka aur un ki taraf muda. aur kahan k ap ko tafreeh kerna acha lagta hai unho ne kaha kesi tafreh un ki pedh meri taraf thi mene unke pas ja ker apna lund un ki gand se laga dia ek hath se ek boob pakar lia aur dosra hath peth per pherne laga unho ne hath hatane ki koshish ki aur kaha k kia ker rahe ho mene kaha tafreeh mene dono hathon se un ke boobs masalna shuru ker die aur apne lund ko un ki gand se sehlane laga. unho ne ab koi resistance nahi ki phir wo palti aur mujhe kiss kerne lagi aur mera lund pakar lia me un ke kole dabane laga wo mujhe kiss kerti rahi aur meri pant utar di phir mera lund chosne lagi me us ka sir sehla raha tha. thodi der bad meri mani nikal gayi aur wo pi gayi un ke husband ka ane ka time hone wala tha. me bager kuch kahe wahan se chala gaya. agle din sunday tha aur un ka ghar set hochuka tha. aur subha ke time ab masi ane lagi thi us din ke bad ab tak mujhe dobara moqa nahi mila k un ko chud sakon jese hi mile ga me ap k sath waqia share karon ga.
Any girl from karachi, pakistan wanna sex, chat with me mail me,
me_zainkhan@yahoo.com

Choot Masti

Mai sex ka deewana, leker aaya hu ek aur pyar aur sex se bharpur nazraana, jisse pad ker aapki choot mai chudwaane ki khujli shuru ho jaye gi jiss ko mitaane ke liye mera 8″ ka lund hamesha haazir hai, jiss ko jaada khujli hoti ho aur khujli khatam kerne ka koi saadhan na ho toh wo mujhe mail ker sakti hai aur yahoo messenger per online aa ker mujhse chudwaane ka time aur adress fix ker sakti hai toh mera email id hai ashk_sharma@yahoo.com and cool_dude_sunny@hotmail.com. secrecy and satisfaction guranteed mera lund aapki choot ki pyaas bhujaane ka intzaar ker raha hai ok.?

Hello friends. I�m sunny meri girl friend pooja singh ek rajpoot family se belong karti haior usaka fig. Amazing hai. Main pooja se nayee saal ki party main mila tha jaha wo apni friends k saath ayee thi. Usase mera introduction mere dost ki girlfriend ne karwaya tha. Jisake liye maine apne dost se request ki thi ki wo apni gf se kah k meri bhi dosti kisi larki se karwa de. Isake liye maine unka new year party ka kharcha bhi uthaya tha.mairy dosty huyee to humane aaps main ghar ka adderess wageraha liye to mujhe pata chala ki wo mere makan ki pichhe wali gali main hi rahati hai.main bahut khus huaa or us din hum logo ne saath main khub dance kiya.

Party khatam hone per usane mere se specialy bye kiya or hum dusare din usake collage ke paas wali restorent main milane ka wada kar apne ghar aa gaya. Dusare din hum restorent main kaafi waqt bitaya or fir agle din milane ka wada kar apne apne ghar chale gaye. Meri to halat hi kharab thi un dino kyonki pooja kafi sunder thi jisake liye mere paas shabd nahi hai.wo 20 saal ki gori n achhe figur[34b/28/35] wali 5′.4″ ki hight wali ek dum noughty ladaki hai. Hamare beech aise hi baat cheet hoti rahti thi. Ek din main apni chhat per patang uda raha thi ki mere makan k pichwade ki taraf thodi unchi diwar hai kareeb 5_5.5 feet ki jisake karan ek dusare ki chhat wale nazar nahi aate. Kisi ki patang kat kar ayee to main diwar per chadkar patang ko pakad li. Pichhe ke makan ki chhat per meri nazar gayee to main acharaz se dekhta hi rah gaya .waha pooja bhi thi. To maine jaan boojkar uanaki patange katne laga to pahle to usake bhaiya ne kaha ki hamari patange mat kato.lekin main nahi mana to pooja ne diwaar se uper dekhakar kaha ki hamari patnge mat kato hume udane do.

Jab usane waha mere ko dekhate hi chhup gayee. Fir waps akar patang maang li.uasane pastang to apne bhiya ko udane k liye dedi or wapas aakar mere se batien karne lagi tab mujhe pata chala ki usaka room bhi uper hi hai. Maine usase abhi tak galat batein nahi kari thi, lekin mere man main ye baat thi ki kisi bhi tarah main usako chod loo, lekin darta tha ki wo bura nahi maan jaye or humari dosti toot jaye jo main nahi chahta tha.ab ak maine bus usaka haath hi pakada tha or baat age badhane ki firak main tha.agle din hum mile to maine usako dusari restorent main chalne k liye kaha to wo agree ho gayee or meri bike per bethgayee. Jab hum ja rahe the to usake boob bar bar meri back side ko chhu rahe the jisase mere ko alag sa maja ane laga tha. Hum restorent main jakar batien karne lage dhire dhire maine usake haath apne hatho main lekar shahlane laga . Usake soft haath the main excite hone laga tha.usane virodh nahi kiya to maine table k niche se usake pero ko dabane laga.usane apni ankhe niche kar li. Maine puchha ki kya huaa to usane kaha kuch nahi or muskarane lagi.maine usako kaha ki meri taraf dekho to usake dekhte hi maine usako ankh maar di, usane fir se ankhe nichi kar li or kaha ki aisa mat karo sharam aati hai. Maine kaha ki main tumhara friend hu koi or naqhi or mera ye haq hai.or aine usako kiss kar diya .table k niche mere dono ghutano k bich usake dono ghutane the.

Main man hi man soch raha tha ki isane yes kar di hai or ab ye mere se chudwa legi,usane chalne k liye kaha to maine kaha ki aaj raat ko mile to usane kaha ki theek hai raat ko 11 baje bad.or hum ghr chale gaye .mere se din katna bhari pad gaya or main raat ka intzaar karne laga.raat ko 10:60 per hi maion chhat per pahunch gaya or usaka intzaar karne laga lekin lekin wo11 baje nahi ayee. Jab main niras hokar 11:20 baje aane hi wala tha ki wo ayee or mere se sorry mangi.usane bataya ki dinner main late ho gaye thi.fir hum der raat tak baten karte rahe maine usako ek gift pack diya jisame maine usake liye black colour ki thong panty or bra pack karayee thi. Maine usase pucha ki mera 20 aug. Ko bd hai kya gift dogi to usane kaha ki jis cheez ki aapko jaroorat ho bata do.maine kaha wada raha jisaki mujhe jarurat hai dogi. To usane kaha promis.to maine kaha theek hai main baad main bataunga or maine usako kiss karke aa gaya.or hum roj raat ko chhat per milane lage.main hum apas main kiss karate main kabhi kabhi kisi bahane se usake hard boob ko daba deta tha. 20 aug. Ki raat main niche se farig ho uper chhat per gaya to wo mera intzaar kar rahi thi maine use jabrdast kiss kiya.usane mere ko lal gulab diya or saath main ek shandar kiss bhi.or boli batao aapko bd gift kya chahiye. Maine kaha mujhe pooja chahiye.to usane kaha bus wo to pahle se hi aapki hai . Fir thodi der batien kari to usane bataya ki kal usake perents village jayenge kyonki usake dada ji ki tabiyat kharab hai.to maine kaha to kal main tumhare ghar aa jao. Usane kaha ki kyon nahi.or bataya ki wo phone kar degi.

Dusare din usaka kareeb 12 baje phone aya or mujhe bulaya. Jab main usake ghar gaya to usane long skrit or red top pahan rakha tha.usaki skrit main se usaki panty mujhe najar aa rahi thi main man hi man baichain ho gaya usane mere ko coffy k liye puchha or coffy banane kitchan main chali gayee tab main unka dring room dekha usame unake purwajo ki pentings lagi huyee thi jo shyer k sikar aadi ki thi. Main jab kitchan main gaya to usaki meri or back thi mere ko usaki panty najar aa rahi thi jisase mera cock hard ho gaya or baar baar pooja ko chodne ki jid karne laga . Main usako smbhal nahi pa raha tha badi muskil se usako kaboo karne ki kosis kar raha tha.maine pooja kae kareeb jakar usake kan main kaha “pooja i love u”mera lund pooja ke hips per touch karne laga to wo or jayada kadak ho gaya,main pooja kae balon main haath firane laga or or kiss karne laga maine usake boobs per haath firane laga. Maine usake kan ko apne danto se halka sa kata . Pooja ne in baton ka halka sa virodh kiya. Lekin dhire dhire wo bhi excite hone lagi. Maine poojane mujhase kaha ki lo aapko apna ghar dikhati hu.to maine kaha ki pahle apna room dikha do jo mujhe pahle se pata tha ki uper hai usane gate achi tarah se band kiya or aane lagi maine usako apni bhahon main utha liya or usake room main le gaya .main usako kis per kis kar raha tha.wo exite to ho hi chuki thi maine kaha pooja tum mere gift ko pahan kar dikhao to usane pahle to mana kiya lekin maine jid ki to maan gayee or baath room main jakar apne pahle wale undergarments ko chang kar mere wale gift ko pahankar ayee to maine kaha aie nahi or usako bed per lita diya or kisses karne laga usake boob dabane laga or usake uper late gaya usane apni ankhe bandh kar li or mere kisses ka maja lene lagi.maine usake top ko utar diya or dekhata hi rah gaya usake boob wow black bra main gajab dha rahe the maine apni shirt utari or pooja k bagal main latate huye kaha pooja “i want fuck u” yahi mera bd gift hai isi ki jaroorat hai. Maine usai body per kisses ki bouchar kar di ab usake bhui muh se sssssssssssss ki awaj ane lagi main usaki nevel per kiss karata huaa niche gaya to usane mana kiya nahi sunny.to maine usako kaha kyon naho mera gift hai ye.or usaki apni pent ko utar di. Or usaki skrit ko uncha utha diya to mujhe mera khajana panty k niche bahut hi paas nazar aya jise main khona nahi chahta tha.mera 8″ ka lund pooja ki pussy se milane k liye utawala ho raha tha.maine usaki panty ko niche khichane laga to pooja ne apne dono haatho se apni pussy ko chupane ka asafal pryas kiya.

Lekin main kaha manane wala tha . Maine usake haath hatakar shaved choti si pussy ko dekha to pagal jaisi halat ho gayee.wo puri taraha se gili thi or mere lund ka swad chakhane ko tyaar thi.maine pussy ko kiss kiya or apna lund usper fira kar pooja k uper late gaya.or pooja se kaha pooja kya baat hai .tum naraz ho kya to usane kopi jawab nahi diya to maine kaha pooja mujhe apna gift khush hokar do to main loonga nahi to rahne do [ye maine wese hi kaha tha main pooja ko bina chode wapas ane wakla nahi tha]maine usase kaha ki shadi k baad to wese bhi hoga to fir aaj kyon nahi.apni ankhe kholo or pyar se apna gift do to pooja ne kaha ki mere ko sharam aati hai to maine kaha isame sharam kya baat hai or pooja kop kiss or usake boobs per haath firane laga to usane apni madhos ankhe klholi or main usaki jhango per haath firane laga to uuuuuh aaaaaaahsssssssssss ki awaze nikalne lagi maine moka dekhkar usaki tango ka beech aa gaya or apne lund ka top pussy ki calotries ko chodi kar usper firane laga.maine pooja se pucha ki pooja tyaar ho to daalo.usane kuch nahi kaha or hm ki awaz nikali mera lund pooja ki fresh chut ko dekh kar diwana hoker ghusne k liye tyaar tha. Maine top ko pooja ki chut per rakh kar halka sa dabav dala ki pooja chila uthi mummmmmmmmyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyy lekin tab tak mere lund ka top under ja chuka tha . Maine kaha pooja plzzzzz thora sa bardast karo ab jayada dard nahi hoga. To usane kaha nahi nahi sunny plzzzzzz bahar nikalo meri buski nahi hai main nahi shahn kar sakti.

Maine pooja plzzzzzzz ab nahi hoga na jyada hona tha wo to ho gaya plzzzzzzz. Or lund under hi under errect karne laga to usaka bhi dard kam huaa or dhire dhire maja aane laga.maine fir halka sa dabav banaya or lund ko kareeb 6″ under daal diya. Pooja chilaati lekin maine pahle hi pooja k hotho ko apne muhb main lekar daba liya tha . Wo hmmmm ki awaaz ka alawa kuch nahi bole pa rahi thi wo dard k mare dohari ho gayee thi maine moka nahi chodana chaha or pura lund ppoja ki chut main ghusa diya . Wo rone lagi thi.maine dhire dhire usako shalata raha or fir jab usaka maaod banane laga tab maine lund ko halke halke up dowen karne laga.dhire dhire mujhe lagane laga ki main jyada nahi ruk sakta to maine apni speed bada di pooja halka halka saath dene lagi ab use bhi dard nahi ho raha tha.

Kareeb 15 min. Main hum dono ka nikal gaya .us din maine ppoja ko kareeb 3_4 baar choda.or apna bd gift liya.usake baad abhi tak pooja ne dubara hamane sex nahi kiya .ab age ka intzaar hai kab pooja dubara mere se chudwati hai.

asha hai ke meri story aap sab chudasu aurton, ladkion aur unsatisfied bhabhies, divorsed ladies ko bohot achhi lagi hogi ager aap mujhe contact kerna chahti hai toh sharam mat kijye aur bilkul bindass andaaz se mujhe mail ker dijiye on the following address ashk_sharma@yahoo.com mai iss id per mostly yahoo messenger per online bhi hota hu aap mujh se sex chat bhi ker sakti hai aur waha hum chudai ki jagah bhi settle ker sakte hain…so mai aapke emailz ka intzaar ker raha hu.

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Main aur hamara gatekeeper..

I m Pooja from Punjab, my figure is 32 30 34. I m a student of bsc. My father and mother are on govt. service and my brother is in hostel. He comes after 2 or 3 months. Hamare ilake mein chorian bahut hone lagi thi, isliye hum ne ek gatekeeper(SECURITY GUARD) rakh liya. Main dopahar ko ghar me bilkul akeli hoti thi.
Ek din main collage se ayi aur khana khane ke baad change karke t.v. dekhne lagi, tabhi hamara security guard(Monu) andar aya aur bola ke bahaar bahut dhoop hai, kya main kuch samay k liye andar baith jau? Mujhe taras aa gya aur maine kaha k tum yahin baith jao aur main paani lekar ati hu. Maine usko pani diya aur wo bhi wahi baith kar t.v. dekhne laga. English movie chal rahi thi, usse kuch samaj nhi aa raha tha. Achanak ek scene aya to hero heroine kiss karne lage, maine channel change kar diya. Wo bola k wahi movie lagao na plz, wo bola k ab to kuch samajh ane laga tha aur apne change kar diya. To maine wahi movie laga di, ab tak hero heroine ko bed pe lita ke kiss kar raha tha.
Wo isse bade dhyaan se dekh rha tha, aur wo dheere dheere garm ho gya. Usne apna hath mere hath pe rakh diya, maine hath utha liya. Usne fir se mera hath pakad liya aur bola “ I love u”. maine kaha shut up, to usne mujhe kaske pakad liya aur bola madam I really love u. maine usse chodne ke liya kaha. Lekin usne mere boobs par hath dala aur kiss karne laga. Maine bahut koshish ki, lekin kuch na kar payi. Usne mera top faad diya, main bhi thodi garam ho chuki thi. Dheere dheere mera virodh kam padta gya aur main uska saath dene lagi.usne bra bhi utaar di aur mere boobs chusne laga, mera first time tha. Bahut maza aa raha tha. Aur fir wo mujhe utha kar bedroom mein le gaya. Fir usne meri trouser pe hath dala aur usse bhi utaar fenka, main sirf panty main thi. Phir usne apne saare kapde utaar diye aur uska lund khambe ki tarah tana hua tha, jo ke kareeb 9” bada tha. Main itna bada lund dekh ke ghabra gyi aur maine usse kaha k tum to meri chut faaad hi daloge. To wo bola ghabrao mat kuch nahi hoga, thode se dard ke baad maze hi maze hain. Fir usne apna hath meri chut pe lagaya aur main siskiya bharne lagi, usne meri panty ko bhi utaar diya aur 69 position mein let gaye. Main uske lund ko munh mein lekar chus rahi thi aur wo meri chut chaat raha tha aur saath mein meri gaand mein bhi ungli daal raha tha. Thodi der mein mera pani nikal gya aur wo sarra pani pee gya, fir usne bhi apna pani mere munh mein hi chod diya, main saara pani pee gyi, fir usne mujhe kiss karma shuru kiya….
Thodi hi der mein uska loda fir tan gya aur apna lode pe thoda sa hair oil lagaya fir meri chut pe oil se maalish ki. fir usne meri dono tange apne kandhe par rakhi aur apna loda meri chut ke lips pe rakh diya aur fir jor se Dhaka diya to uska adha loda meri chut mein chala gya aur main jor se chila uthi. Usne apne lips mere lips pe rakh diye aur kiss karne laga, 5 min tak wo kiss karta raha aur waise hi rha, thoda sa relief mila, fir usne ek aur Dhaka diya aur poora lund andar chala gya, main fir jor jor se chilane lagi aur wo waise hi mere upar let gaya, meri choot se khoon behne laga, lekin main janti thi ke ye sab seal tutne ki wajah se hua hai.. thodi der ke baad wo dhire dhire dhake marne laga, bahut maza aa raha tha lekin dard bhi ho raha tha. Thodi der ke baad main dard ko bhool gyi aur uska saath dene lagi, 20 min mein main do baar jhad chuki thi aur wo bhi ab jhad gya tha. Usne saara cum mere munh pe fenk diya aur sab chaat gyi. Us din hamne 4 baar chudai ki aur fir saath mein bath bhi kiya. Uss din se ab tak hum jab bhi time milta hai enjoy karte hain…plz coment if u like my story at pooja_goyal0250@yahoo.com. Its my first story plz give me response…….

Mere lund ki pyas bhuj gai

Mai sex ka deewana, leker aaya hu ek aur pyar aur sex se bharpur nazraana, jisse pad ker aapki choot mai chudwaane ki khujli shuru ho jaye gi jiss ko mitaane ke liye mera 8″ ka lund hamesha haazir hai, jiss ko jaada khujli hoti ho aur khujli khatam kerne ka koi saadhan na ho toh wo mujhe mail ker sakti hai aur yahoo messenger per online aa ker mujhse chudwaane ka time aur adress fix ker sakti hai toh mera email id hai ashk_sharma@yahoo.com and cool_dude_sunny@hotmail.com. secrecy and satisfaction guranteed mera lund aapki choot ki pyaas bhujaane ka intzaar ker raha hai ok.?

Hello dosto me sunny, I am 23 me jammu me rhta hu. Me office me kaam krta hu vha ak ladki aati he jo ssaf safai krti he vo jyada sundrar nhi he. Kriban 1 saal se vo mere dewani thi. Vo muche like krti thi jha bhi jata dekti rhti mene us par dyan nhi deeya vo kuch jyada pyar bhri harkte karne lagi to mene pucha ki tum muchse pyaar karti ho sapana ne kha aar mene mna kar diya. Vo udas hui. Kuch deno baad mne kah deya ki mere shdi ho gyi he. Vo maan gyi aar muche mob. Par kosne lgi shadi ke leye force karne lagi. Kuch deeno pahle office me mene use pakd leeya aar kha ki ssadi to me nhi kruga kiss kruga, vo maan gyi aar pahle kiss kane diya. Ham har rooj kiss karne lage, isse uski pyas bdti gyi. Ak deen mene uskee chut me apna haat laga diya aar vo tdpne lagi vo. Mene uski salvar utar di uske boob ko chusne lga bdaa maaja aa rha tha usne mere paint utar di mene uska pjama aar painte utar di .

Ke chud ko dekhne ke baad mujhe aisa luga ki use kisi lund ki intjar bahut din se hai. Maami ke chehre pe dekha maami ne mujhse puchha ki lera loda to tere mama se bhi bada hai bahul maza ayega aaj chod dal apni mami ko aaj to mene kaha “maine kaha ki aap chinta mat kijiye. Maine tunhe aaj puri rat choduga meri rani” bad me jab unke jangh par baitha to maami se chud phailane ke liye bola. Maami ne dono hantho se apne chood ko phailaya. Maine lund ko unke chud ke muh pe rakh ke ek halka sa jhatka maara. Maami ke muh se aaahhhh ki awaj sun ke mujhe laga ki mera lund chala gaya hai. Maami ke chud me mera lund jab gaya to mera man use pura ka pura jaldi se jaldi chud me dalne ki thi. Maine har paanch chhote jhatke ke shath ek jor se jhatke maarne laga. Har ek jhatke ke saath maami ke muh se aaaiiiiiii aaaaauuuuurrrrrraaaaaaahhh aaaaauuuuuuth aaaaaaaaaaaahh ki awaaj nikal rahi thi. Abhi chudai karte panch minut hua tha ke mami bole �zara zor zor se kar na. Mune bbbbahut mazza aaraha hai aaaaaaaaahhhhh thoda dhireeeeeeeeee aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhh naaaaahiiiiiiii aaaaaaaaaah. Ab tak mere lund ka lagbhg pura hinsha unke andar ja chuka tha. Maami ne mujhse puchha ki kya pura daal chuke hai?

Maine bola ki nahi, to maami ne bola ki bahut pain ho raha hai jaldi se gira dijiye. Itna sun ke maine ek jor se jhatka maara. Aur pure lund ko unke chud me dal diya. Maami puri tarah se chila uthi. Mera land deka kar vo dar gyi . 8 inch ka jo he aaaaaaahhiiiiiiii nikaaaaaall diiiiiiiiiaaaaahhhhha aaaaaaahhh mai jor jor se jhatke maarne laga aur lagbhad adhe ghante tak chudai karta raha unke choochio ko mashal ke laal kardiya tha. Maami ke muh se awaj ko nahi ruke dekh ke maine unke hotho ko chusna suru kar diya. Kuchh der me maami bhi mera shath dene lagi. Maine maami ki chud ko jab apne spurm se bhar diya to maami mere pare phida ho gayi.Roj mere se hi chudvati hai. Ab meri nahar meri mami ke bhai sahib se ladaki ke umar hai vo 22 sal ki hai boobs bhi mast hai.

asha hai ke meri story aap sab chudasu aurton, ladkion aur unsatisfied bhabhies, divorsed ladies ko bohot achhi lagi hogi ager aap mujhe contact kerna chahti hai toh sharam mat kijye aur bilkul bindass andaaz se mujhe mail ker dijiye on the following address ashk_sharma@yahoo.com mai iss id per mostly yahoo messenger per online bhi hota hu aap mujh se sex chat bhi ker sakti hai aur waha hum chudai ki jagah bhi settle ker sakte hain…so mai aapke emailz ka intzaar ker raha hu.

so any unsatisfied women, aunty, bhabhi, divosed lady, any unsatisfired girls from jammu who wanna have sex with me cam mail me at mera email id hai ashk_sharma@yahoo.com and cool_dude_sunny@hotmail.com. secrecy and satisfaction guranteed

Patli mausi ki choti chut

Hello ! Dosto. ye meri life ki ek aur sachchai hai. jisme maine apni ek aisi mausi ko choda jo ki kaafi patli aur chote kad ki thi. wo meri apni mausi nahi thi , wo mere mama ki mama ki beti hai aur uski shaadi karib 2 saal pahle hui thi.
Unka figure 34-26-30 hoga. Unki height 4 ft 8 inch se jyada nahi hogi aur unka wajan karib 36 kg hoga. Par dekhne me wo kamaal ki thi. Hamare pyar bhari chudaika karyakarm mere mama ke shadi se shuru hua , Mere mama ke reception ke din hum sab party khatam hone ke baad hall me baithkar bate kar rahe the, jabki mai sofe par jiske chaudai karib 2.5 feet thi us par leta hua tha, thand ka mausam hone ke karan maine ek kambal odh rakha tha, kuch log niche gadde par baithe the aur kuchh palang par baithe the, unme jyadatar ladies hi thi aur gents bahut kam the, tabhi wo mausi jo mujhe apne bete ki tarh manti thi akar mere kambal me apne pairo ko ghusakar baith gayi, mera pair unke kamar par jakar lag raha tha, kuch minute to aise hi bit gaye , par jaise- jaise mera pair unke kamar se lagta mujhe ajib sa mehsoos ho raha tha , so maine apne pair ko hatane ko socha jaise hi maine apne pair ko morna chaha unhone bola “dikkat ho raha hai kya” maine jhijhkate huye nahi jawaab diya tabhi unhone mere pairo ko pakra aur apne daye pair se mere ek pair ko dabaye aur mere ek pair ko apne pair ke upar rakh diya.
Mujhe ab kuch karne ki ichcha ho rahi thi so maine unke pair ko sahlane laga tab unhone mere pair me chikoti kati, par mai nahi mana aur apne haath se unke saari me apne haath ko ghusane laga, tabhi sab log sone ki baate karne lage, mausi ne bola mai yah adjust ho jaungi, mujhe koi problem nahi hai aise nhi thand ka din hai aur raat ke 1 baj chuke hai so sab log so gaye aur light off ho gayee ,
ab sofe par mai aur mausi the, unke husband army me the jo 8 mahine se ghar nahi aaye the, so i guess unhe jism ki pyaas bahut badh gayee thi.

Hum dono ka munh ek hi taraf tha aur hum dono ki saanse aapas me takra rahi thi , width kam hone ke wajah se hum aapas me chpake hue the , tabhi mujhe laga ki mausi so gayi hai to maine unke hontho ko chumne ka socha, jaisa hi mai unke karib gaya unhone apna aankh khola aur mai dar gaya par wo khud mere karib aayi aur apne hontho ko mere hontho se sata diya maine ahiste-ahiste unke hontho par kiss karte hue unke jibh ko chatne laga aur wo bhi mera pura saath de rahi thi, maine apne pairo ko unke pairo par rub karna shuru kiya aur unke blouse mepana haath ghusane laga wo mere lund ko bahar nikal kar use sahla rahi thi aur unhone apne haantho se mere lund ko apne saari ke andar ghusaya aur apne choot ke chhed ke samne lakar apne kamar ko halka jhatka dee. mai unke ishare ko samajh gaya tha par mujhe aur baaki logo ka dar lag raha tha par wo to sex ki pyasi thi maine pahle unke munh pe kiss karne laga aur ahiste-ahiste unke chut me apne lund ko dalne laga par i think unki chudai abhi bahut kam hone ke wajah se unka chhed bahut chota tha mera lund asani se nahi jarah tha , aur unhe kaafi dard bhi ho raha tha lekin wo aaj sab kuchh sahne ko taiyaa r thi aur unhone mujhe dhire-dhire lund ko dalne ko kaha maine ahiste-ahiste apne lund ko unke choot me pura ghusa diya ,wo dard se bechain thi tabhi maine unke gaalo ko apne jibh se chatne laga jisse unhe thodi rahat mili aur hum andheri raat me dhire- dhire chudai ka kaam shuru kar chuke the karib 45 minute tak maine unhe pela tab jaakar humdone karib saath me hi jhar gaye aur wo apna munh ulte side me kar ke let gayi ……
ab unka gaand mere taraf tha maine apni ungli se unke gaand ke chhed me dala aur saari unke chuchi ko masalta raha, tab jakar karib 4 baje hm soye ,ab jab bhi wo hamare area se jaati hai humare ghar jaroor aati hai aur hum kamse kam ek baar jarur chudai karte hai………..
Ab unki ek beti hai, jo mujhe lagta hai ki wo meri hi khoon hai…………………………………….